17 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी:
ब्यूरो रिपोर्ट आमिर मिर्ज़ा
प्रयागराज/बारा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ उपशाखा तहसील बारा की ओर से लेखपालों की आठ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी बारा के माध्यम से सौंपा गया। तहसील अध्यक्ष कैलाश किशोर मिश्रा और तहसील मंत्री प्रभात सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में वेतन विसंगति दूर करने, स्थानांतरण, पदोन्नति, भत्तों में वृद्धि सहित विभिन्न मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। संघ ने 2800 ग्रेड पे लागू करने की मांग करते हुए कहा कि इस संबंध में राजस्व परिषद की ओर से वर्ष 2013, 2017 तथा 19 अगस्त 2026 को शासन को संस्तुति भेजे जाने के बावजूद मामला लंबित है।इसके अलावा आठ वर्षों से लंबित अंतर्मंडलीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। संघ के अनुसार वर्ष 2025 में 2669 आवेदन लिए गए थे, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। लेखपाल संघ ने चयन वर्ष 2025-26 की डीपीसी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद पदोन्नति सूची जारी न किए जाने तथा चयन वर्ष 2024 के लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम और प्रमाण पत्र जारी न होने का मुद्दा भी उठाया। संघ ने स्टेशनरी, मोटरसाइकिल और विशेष भत्ते में वृद्धि की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से इन भत्तों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। ज्ञापन में लेखपालों से पटल प्रभारी और प्रभारी राजस्व निरीक्षक का अतिरिक्त कार्य लिए जाने से मुक्त करने, ग्राम सचिवालयों में पक्का कक्ष, फर्नीचर, अभिलेख कक्ष, इंटरनेट और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की गई। संघ ने लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने के साथ ही लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग रखी। संघ ने कहा कि वर्तमान में लेखपालों का अधिकांश कार्य ऑनलाइन और तकनीकी माध्यम से हो रहा है, जबकि कार्य के अनुरूप संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। ज्ञापन में विभिन्न मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। लेखपाल संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश के लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से संपूर्ण कार्य बहिष्कार करने के लिए बाध्य होंगे। संघ ने इसकी जिम्मेदारी शासन और राजस्व परिषद की होने की बात कही।
